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Q: निर्देश:- अधोलिखतं गद्यांशं पठित्वा 71-77 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत- महाकवि: कालिदास: न केवलं संस्कृतसाहित्यस्य अपितु विश्वसाहित्यस्य श्रेष्ठ: कवि: अस्ति। अतएव इंग्लैंड-देशवासिन: स्वकीयाभ्यां सर्वश्रेष्ठाभ्यां दन्ते-वर्जिलाभ्यां सह तस्य तुलनां कुर्वन्ति। जर्मनीदेशवासिन; तु तं ‘शेक्सपीयर’ इति कथयन्ति। एष; महान् कवि नाटककार: चासीत। कालिदासेन विरचिता: सप्त ग्रन्था: सन्ति एतेषु रघुवंशम्, कुमारसंभवम् इति द्वे महाकाव्ये, ऋतुसंहारम् मेघदूतम् नामके द्वे खण्डकाव्ये, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम् चेति त्रीणि नाटकानि सनित। सौन्दर्य-वर्णने काव्यप्रतिभायां च महाकवि:कालिदास: अद्यापि अप्रतिम: वर्तते। भारतीय महाकविषु स: ‘कविकुलगुरु:’ इति उपाधिना विभूषित:। जर्मनीदेशवासिन: तु ‘तं’ शेक्सपीयर: कथयति अत्र ‘तं’ इति पदं कस्मै प्रयुक्तम् ?
  • A. कालिदासाय
  • B. भारताय
  • C. शेक्सपीयर इति पदाय
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मादधिक:
  • E. उपर्युक्तेषु किञ्चन् अपि नास्ति
Correct Answer: Option A - जर्मनीदेशवासिन: तु ‘तं’ शेक्सपीयर: इति कथयति अत्र ‘तं’ इति पदं कालिदासाय प्रयुक्तम् । अर्थात् जर्मनी देश वासियों ने तो ‘उनको’ शेक्सपीयर इस नाम से कहते हैं।यहाँ पर ‘तं’ यह पद कालिदास के लिए प्रयुक्त है। जर्मनवासी लोग ‘ कालिदास को संस्कृत जगत का शेक्सपीयर हैं’ इस नाम से कहते हैं।
A. जर्मनीदेशवासिन: तु ‘तं’ शेक्सपीयर: इति कथयति अत्र ‘तं’ इति पदं कालिदासाय प्रयुक्तम् । अर्थात् जर्मनी देश वासियों ने तो ‘उनको’ शेक्सपीयर इस नाम से कहते हैं।यहाँ पर ‘तं’ यह पद कालिदास के लिए प्रयुक्त है। जर्मनवासी लोग ‘ कालिदास को संस्कृत जगत का शेक्सपीयर हैं’ इस नाम से कहते हैं।

Explanations:

जर्मनीदेशवासिन: तु ‘तं’ शेक्सपीयर: इति कथयति अत्र ‘तं’ इति पदं कालिदासाय प्रयुक्तम् । अर्थात् जर्मनी देश वासियों ने तो ‘उनको’ शेक्सपीयर इस नाम से कहते हैं।यहाँ पर ‘तं’ यह पद कालिदास के लिए प्रयुक्त है। जर्मनवासी लोग ‘ कालिदास को संस्कृत जगत का शेक्सपीयर हैं’ इस नाम से कहते हैं।