search
Q: निर्देश : अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 270-275) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। विद्या ददाति विनयम् विद्या ददाति वित्तम। विद्या सदा जनानां विमलं करोति चित्तम् ।।1।। विद्या तनोति कीर्तिम् विद्या तनोति मानम्। विद्या नरं समाजे कुरुते सदा प्रधानम् ।।2।। विद्या निहन्ति दोषम् विद्या निहन्ति भारम्। दूरीकरोति विद्या सकलं मनोविकारम् ।।3।। विद्या न राजहार्या विद्या न चोरहार्या। विद्या कदापि लोके नहि बन्धुभि: विभाज्या।।4।। विद्या गुण: प्रधान: विद्याधनं प्रधानम्। देशे तथा विदेशे विद्याबलं प्रधानम् ।।5।। पद्यांशे कस्या: महत्त्वम् कथितम् अस्ति?
  • A. विद्याया:
  • B. दोषस्य
  • C. वन्धूनां
  • D. प्रधानस्य
Correct Answer: Option A - उक्त पद्यांश में विद्या के महत्व का निरूपण किया गया है। विद्या विनय प्रदान करती है। विद्या धन प्रदान करती है और विद्या सदा लोगों के चित्त को विभक्त करती है।
A. उक्त पद्यांश में विद्या के महत्व का निरूपण किया गया है। विद्या विनय प्रदान करती है। विद्या धन प्रदान करती है और विद्या सदा लोगों के चित्त को विभक्त करती है।

Explanations:

उक्त पद्यांश में विद्या के महत्व का निरूपण किया गया है। विद्या विनय प्रदान करती है। विद्या धन प्रदान करती है और विद्या सदा लोगों के चित्त को विभक्त करती है।