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Q: निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनिए। (प्र.सं. 358-363) साल के जिस माह से मुझे सबसे अधिक लगाव होता है, वह दिसंबर ही है। इस महीने की कोमल धूप मुझे मोह लेती है, लेकिन तभी एहसास होता है कि यह साल भी बीतकर विगत हो जाएगा, ठीक उसी तरह, जैसे धरती मैया के आँचल में न जाने कितनी सदियाँ, कितने बरस दुबककर छिपे बैटे हैं। फिर सोचता हूँ, तो लगता है कि हर किसी के जीवन के बनने में ऐसे ही न जाने कितने 12 महीने होंगे, इन्हीं महीनों के पल-पल को जोड़कर हम-आप सब अपने जीवन की सँवारते-बिगाड़ते हैं। किसानी करते हुए हमने पाया कि एक किसान चार-चार महीने में एक जीवन जीता है। शायद ही किसी पेशे में जीवन को स तरह टुकड़ों में जिया जाता होगा। चार महीने में हम एक फसल उपजा लेते हैं और इन चार महीने के सुख-दुख को फसल काटते ही मानो भूल जाते हैं। हमने कभी बाबूजी के मुख से सुना था कि किसान ही केवल ऐसा जीव है, जो स्वार्थ को ताक पर रखकर जीता है। इसके पीछे उनका तर्वâ होता था कि फसल बोने के बाद किसान इस बात की परवाह नहीं करता है कि फल अच्छा होगा या बुरा। वह सब कुछ मौसम के हवाले कर जीवन के अगले चरण की तैयारी में जुट जाता है। किसानी करते हुए जो एहसास हो रहा है, उसे लिखता जाता हूँ। इस आशा के साथ कि किसानी को कोई परित्यक्त भाव से न देखे। अंतिम महीने मे मेरे जैसे किसान मक्का, आलू और सरसों में डूबे पड़े हैं। इस आशा के साथ कि आने वाले नए साल में इन फसलों से नए जीवन को नए सलीके से सजाया-सँवारा जाएगा। किसान अपने सुख-दुख को कब भूल जाता है?
  • A. फसल तैयार होेने पर
  • B. फसल बोने पर
  • C. फसल काट लेने पर
  • D. फसल बेच देने पर
Correct Answer: Option C - किसान फसल काट लेने पर अपने सुख-दुख को भूल जाते है। क्योंकि चार महीने में किसान एक फसल उपजा लेते हैं और इन चार महीने के सुख-दुख को फसल काटते ही मानों भूल जाते हैं।
C. किसान फसल काट लेने पर अपने सुख-दुख को भूल जाते है। क्योंकि चार महीने में किसान एक फसल उपजा लेते हैं और इन चार महीने के सुख-दुख को फसल काटते ही मानों भूल जाते हैं।

Explanations:

किसान फसल काट लेने पर अपने सुख-दुख को भूल जाते है। क्योंकि चार महीने में किसान एक फसल उपजा लेते हैं और इन चार महीने के सुख-दुख को फसल काटते ही मानों भूल जाते हैं।