Correct Answer:
Option D - गद्यांश के अनुसार मनुष्य को अपना पुरूषार्थ करते रहना चाहिए, अपने मन की कोठरी को स्वच्छ रखें और जहाँ जरूरत हो, वहाँ प्रायश्चित भी अवश्य करें।
D. गद्यांश के अनुसार मनुष्य को अपना पुरूषार्थ करते रहना चाहिए, अपने मन की कोठरी को स्वच्छ रखें और जहाँ जरूरत हो, वहाँ प्रायश्चित भी अवश्य करें।