Explanations:
‘आनीय’ इत्यस्य पदस्य निर्वचनं ‘आ+नी+ल्यप्’ भवति अर्थात्- ‘आनीय’ शब्द में आ+नी+ल्यप् प्रत्यय का विधान होता है। इस प्रत्यय का ‘य’ शेष रहता है। इस प्रकार के शब्द में उपसर्ग होता है, इस प्रकार बने हुए शब्द अव्यय कहलाते हैं। अत: इनके रूप नहीं चलते।