Correct Answer:
Option C - सूर्य, पृथ्वी को ‘विकिरण’ द्वारा ऊष्मा प्रदान करता है। पृथ्वी के पृष्ठ पर प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा का अधिकतम अंश (भाग) लघु तरंग दैर्ध्य के रूप में आता है।
पृथ्वी को प्राप्त होने वाली ऊर्जा को ‘आगामी सौर विकिरण’ या छोटे रूप में ‘सूर्यातप’ कहते है। विकिरण द्वारा ऊष्मा ऊर्जा क संरचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
C. सूर्य, पृथ्वी को ‘विकिरण’ द्वारा ऊष्मा प्रदान करता है। पृथ्वी के पृष्ठ पर प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा का अधिकतम अंश (भाग) लघु तरंग दैर्ध्य के रूप में आता है।
पृथ्वी को प्राप्त होने वाली ऊर्जा को ‘आगामी सौर विकिरण’ या छोटे रूप में ‘सूर्यातप’ कहते है। विकिरण द्वारा ऊष्मा ऊर्जा क संरचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं पड़ती है।