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Q: विकास अनुदैर्घ (अधोमुखी) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता हैं। विकास का यह सिद्धांत क्या कहलाता हैं?
  • A. समीपदूराभिमुख
  • B. पारस्परिकता
  • C. शीर्षगामी
  • D. निरंतरता
Correct Answer: Option C - विकास अनुदैर्घ (अधोमुखी) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता हैं। विकास का यह सिद्धान्त शीर्षगामी कहलाता है। इस सिद्धांत का यह मानना है कि बालकों का विकास सिर से पैर की तरफ होता है। मनोविज्ञान में इस सिद्धान्त को सिरापुछीय दिशा कहा जाता है अर्थात् पहले बालकों के सिर का उसके बाद उसके नीचे वाले अंगो का विकास होता है। विकास के सिद्धान्त को गहराई से समझा जाए तो इसे तीन तरह से समझा जा सकता है – 1. सिर से पैर की ओर विकास 2. रीढ़ की हड्डी से बाहर की ओर विकास 3. पहले स्वरूप तथा उसके बाद क्रिया का विकास
C. विकास अनुदैर्घ (अधोमुखी) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता हैं। विकास का यह सिद्धान्त शीर्षगामी कहलाता है। इस सिद्धांत का यह मानना है कि बालकों का विकास सिर से पैर की तरफ होता है। मनोविज्ञान में इस सिद्धान्त को सिरापुछीय दिशा कहा जाता है अर्थात् पहले बालकों के सिर का उसके बाद उसके नीचे वाले अंगो का विकास होता है। विकास के सिद्धान्त को गहराई से समझा जाए तो इसे तीन तरह से समझा जा सकता है – 1. सिर से पैर की ओर विकास 2. रीढ़ की हड्डी से बाहर की ओर विकास 3. पहले स्वरूप तथा उसके बाद क्रिया का विकास

Explanations:

विकास अनुदैर्घ (अधोमुखी) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता हैं। विकास का यह सिद्धान्त शीर्षगामी कहलाता है। इस सिद्धांत का यह मानना है कि बालकों का विकास सिर से पैर की तरफ होता है। मनोविज्ञान में इस सिद्धान्त को सिरापुछीय दिशा कहा जाता है अर्थात् पहले बालकों के सिर का उसके बाद उसके नीचे वाले अंगो का विकास होता है। विकास के सिद्धान्त को गहराई से समझा जाए तो इसे तीन तरह से समझा जा सकता है – 1. सिर से पैर की ओर विकास 2. रीढ़ की हड्डी से बाहर की ओर विकास 3. पहले स्वरूप तथा उसके बाद क्रिया का विकास