Correct Answer:
Option A - जब पत्थर खदानों से निकाला जाता है तो इसमें एक प्रकार की प्राकृतिक नमी विद्यमान रहती है, जिसे खदानी रस (Quarry Sap) कहते है। इस नमी (सैप) के कारण पत्थर मुलायम रहता है। यदि यह नमी न सुखाया जाये, तो पत्थर अपनी पूर्ण सामर्थ्य ग्रहण नहीं कर पाता है।
पत्थर के भीतर विद्यमान नमी (सैप) को सुखाने को पत्थर का संशोषण कहते है। पत्थरों के संशोषण के लिए इनको खदान से निकालने के बाद किसी छायादार स्थान पर 6 से 12 महीने तक के लिए खुला रखा जाता है। इस प्रकार इनका प्राकृतिक विधि से संशोषण हो जाता है।
A. जब पत्थर खदानों से निकाला जाता है तो इसमें एक प्रकार की प्राकृतिक नमी विद्यमान रहती है, जिसे खदानी रस (Quarry Sap) कहते है। इस नमी (सैप) के कारण पत्थर मुलायम रहता है। यदि यह नमी न सुखाया जाये, तो पत्थर अपनी पूर्ण सामर्थ्य ग्रहण नहीं कर पाता है।
पत्थर के भीतर विद्यमान नमी (सैप) को सुखाने को पत्थर का संशोषण कहते है। पत्थरों के संशोषण के लिए इनको खदान से निकालने के बाद किसी छायादार स्थान पर 6 से 12 महीने तक के लिए खुला रखा जाता है। इस प्रकार इनका प्राकृतिक विधि से संशोषण हो जाता है।