Correct Answer:
Option B - स्थानीय सरकारी संस्थाओं के संबंध में पी.के. थुंगन समिति (1989) की प्राथमिक सिफारिश पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करना और समय-समय पर चुनाव सुनिश्चित करना था। समिति ने कहा कि पंचायतों का सम्बन्ध सीधा संघ से होना चाहिए राज्यों से नहीं, साथ ही राज्यों में एक वित्त आयोग तथा नियोजन एवं समन्वय समिति होनी चाहिए। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने पंचायतों के सुधार हेतु सिंघवी और थुंगन समिति के आधार पर 64वाँ संविधान संशोधन लोकसभा में प्रस्तुत किया किन्तु राज्यसभा में नामंजूर कर दिया गया।
B. स्थानीय सरकारी संस्थाओं के संबंध में पी.के. थुंगन समिति (1989) की प्राथमिक सिफारिश पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करना और समय-समय पर चुनाव सुनिश्चित करना था। समिति ने कहा कि पंचायतों का सम्बन्ध सीधा संघ से होना चाहिए राज्यों से नहीं, साथ ही राज्यों में एक वित्त आयोग तथा नियोजन एवं समन्वय समिति होनी चाहिए। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने पंचायतों के सुधार हेतु सिंघवी और थुंगन समिति के आधार पर 64वाँ संविधान संशोधन लोकसभा में प्रस्तुत किया किन्तु राज्यसभा में नामंजूर कर दिया गया।