Correct Answer:
Option B - अवसादी चट्टानों का निर्माण, आग्नेय चट्टानों के विघटन होने के बाद पानी के साथ बहकर परत दर परत के रूप में इकट्ठा हो जाने के फलस्वरूप होता है। इसे अवसादी चट्टान/द्वितीयक चट्टान/ स्तरित चट्टान/जलीय चट्टान भी कहते हैं। ये चट्टाने पतली परतदार रचना वाली होती हैं, जिन्हें इनके तल पर आसानी से अलग किया जा सकता है।
उदाहरण–जिप्सम, चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, लैटेराइट, डोलोमाइट, शेल, लिग्नाइट आदि।
B. अवसादी चट्टानों का निर्माण, आग्नेय चट्टानों के विघटन होने के बाद पानी के साथ बहकर परत दर परत के रूप में इकट्ठा हो जाने के फलस्वरूप होता है। इसे अवसादी चट्टान/द्वितीयक चट्टान/ स्तरित चट्टान/जलीय चट्टान भी कहते हैं। ये चट्टाने पतली परतदार रचना वाली होती हैं, जिन्हें इनके तल पर आसानी से अलग किया जा सकता है।
उदाहरण–जिप्सम, चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, लैटेराइट, डोलोमाइट, शेल, लिग्नाइट आदि।