Correct Answer:
Option B - उच्चतर शिक्षा में शिक्षण और अधिगम निर्धारित करने वाले व्यवहारगत उद्देश्यों के गुण हैं कि वे अधिगम को केन्द्रित और निष्पाद्य (प्राप्त करने योग्य) बनाते हैं। यह छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिये सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है।
B. उच्चतर शिक्षा में शिक्षण और अधिगम निर्धारित करने वाले व्यवहारगत उद्देश्यों के गुण हैं कि वे अधिगम को केन्द्रित और निष्पाद्य (प्राप्त करने योग्य) बनाते हैं। यह छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिये सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है।