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Q: Which of the following stiffeners is used to prevent local crushing of the web due to concentrated loading ? निम्नलिखित में से कौन सा दृढ़कारी केन्द्रीय भार के कारण वेब में उत्पन्न संभावित स्थानीय संदलन को रोकने के लिए लगाया जाता है ?
  • A. Diagonal/विकर्ण
  • B. Torsional/मरोड़
  • C. Load carrying/भार वाहक
  • D. Bearing/धारण
Correct Answer: Option D - फ्लेजों व वेब को पाश्र्व स्थिरता प्रदान करने के लिए प्लेट गर्डर में दृढ़कारी (stiffeners) लगाये जाते है। खड़ी स्थिति में लगे दृढ़कारी उर्ध्व दृढ़कारी और क्षैतिज स्थिति में लगी दृढ़कारी को क्षैतिज दृढ़कारी कहते है। दृढ़कारी अधिकतर एंगल होते है जो वेब प्लेट के एक तरफ अथवा दोनों तरफ लगाये जाते है। जहाँ गर्डर लम्बाई में बिन्दु भार (point load या concentric load) पड़ता है, उसके नीचे धारक (bearing) दृढ़कारी लगाये जाते है। धारक दृढ़कारी स्थानीय बंकन के कारण फ्लैंज की सम्भावित विफलता को स्थानीय विकलांगता व वेब संदलन को रोकने के लिए लगाये जाते है।
D. फ्लेजों व वेब को पाश्र्व स्थिरता प्रदान करने के लिए प्लेट गर्डर में दृढ़कारी (stiffeners) लगाये जाते है। खड़ी स्थिति में लगे दृढ़कारी उर्ध्व दृढ़कारी और क्षैतिज स्थिति में लगी दृढ़कारी को क्षैतिज दृढ़कारी कहते है। दृढ़कारी अधिकतर एंगल होते है जो वेब प्लेट के एक तरफ अथवा दोनों तरफ लगाये जाते है। जहाँ गर्डर लम्बाई में बिन्दु भार (point load या concentric load) पड़ता है, उसके नीचे धारक (bearing) दृढ़कारी लगाये जाते है। धारक दृढ़कारी स्थानीय बंकन के कारण फ्लैंज की सम्भावित विफलता को स्थानीय विकलांगता व वेब संदलन को रोकने के लिए लगाये जाते है।

Explanations:

फ्लेजों व वेब को पाश्र्व स्थिरता प्रदान करने के लिए प्लेट गर्डर में दृढ़कारी (stiffeners) लगाये जाते है। खड़ी स्थिति में लगे दृढ़कारी उर्ध्व दृढ़कारी और क्षैतिज स्थिति में लगी दृढ़कारी को क्षैतिज दृढ़कारी कहते है। दृढ़कारी अधिकतर एंगल होते है जो वेब प्लेट के एक तरफ अथवा दोनों तरफ लगाये जाते है। जहाँ गर्डर लम्बाई में बिन्दु भार (point load या concentric load) पड़ता है, उसके नीचे धारक (bearing) दृढ़कारी लगाये जाते है। धारक दृढ़कारी स्थानीय बंकन के कारण फ्लैंज की सम्भावित विफलता को स्थानीय विकलांगता व वेब संदलन को रोकने के लिए लगाये जाते है।