Correct Answer:
Option D - ‘इन दि गार्व ऑफ नन्दा देवी राजजात’ के लेखक चन्द्र सिंह नेगी हैं। यह उत्तराखण्ड के नंदा राजजात यात्रा से संबंधित पुस्तक है। नंदा राजजात यात्रा गढ़वाल व कुमायूँ के सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह विश्व की अनोखी पदयात्रा है, जिसमें चमोली के कांसुवा गाँव के पास स्थित नौटी के नंदा देवी मंदिर से होमकुण्ड तक की 280 किमी. की यात्रा 19-20 दिन में पूरी की जाती है।
D. ‘इन दि गार्व ऑफ नन्दा देवी राजजात’ के लेखक चन्द्र सिंह नेगी हैं। यह उत्तराखण्ड के नंदा राजजात यात्रा से संबंधित पुस्तक है। नंदा राजजात यात्रा गढ़वाल व कुमायूँ के सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह विश्व की अनोखी पदयात्रा है, जिसमें चमोली के कांसुवा गाँव के पास स्थित नौटी के नंदा देवी मंदिर से होमकुण्ड तक की 280 किमी. की यात्रा 19-20 दिन में पूरी की जाती है।