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Q: Who of the following was the President of ‘All Parties Conference’ held in February 1928? फरवरी 1928 में आयोजित सर्वदलीय सम्मेलन के अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन थे?
  • A. Motilal Nehru/मोतीलाल नेहरू
  • B. Dr. M. A. Ansari/डॉ. एम.ए. अंसारी
  • C. Subhashchandra Bose/सुभाषचन्द्र बोस
  • D. M. K. Gandhi/एम.के. गाँधी
Correct Answer: Option B - फरवरी 1928 में काँग्रेस, मुस्लिम लीग, हिन्दू महासभा आदि संगठनों के प्रतिनिधि एक सम्मेलन में एकत्र हुए। इसे सर्वदलीय सम्मेलन के नाम से जाना जाता है। 10 मई 1928 को बम्बई में हुए दूसरे सर्वदलीय सम्मेलन में पं. मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक 9 सदस्यीय समिति की स्थापना की गयी। इस रिपोर्ट के माध्यम से भारत के संविधान के सिद्धांतों का निर्धारण करना था। मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में स्थापित समिति के अन्य सदस्य थे–तेज बहादुर सप्रू, सुभाष चन्द्र बोस, शोएब कुरैशी, एम.एस. अणे, एम.आर. जयकर, मंगल सिंह, एन.एम. जोशी, जी. आर. प्रधान और इली इमाम 10 अगस्त 1928 को यह रिपोर्ट काँग्रेस अधिवेशन में रखी गयी, जिसे सभी ने स्वीकार किया।
B. फरवरी 1928 में काँग्रेस, मुस्लिम लीग, हिन्दू महासभा आदि संगठनों के प्रतिनिधि एक सम्मेलन में एकत्र हुए। इसे सर्वदलीय सम्मेलन के नाम से जाना जाता है। 10 मई 1928 को बम्बई में हुए दूसरे सर्वदलीय सम्मेलन में पं. मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक 9 सदस्यीय समिति की स्थापना की गयी। इस रिपोर्ट के माध्यम से भारत के संविधान के सिद्धांतों का निर्धारण करना था। मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में स्थापित समिति के अन्य सदस्य थे–तेज बहादुर सप्रू, सुभाष चन्द्र बोस, शोएब कुरैशी, एम.एस. अणे, एम.आर. जयकर, मंगल सिंह, एन.एम. जोशी, जी. आर. प्रधान और इली इमाम 10 अगस्त 1928 को यह रिपोर्ट काँग्रेस अधिवेशन में रखी गयी, जिसे सभी ने स्वीकार किया।

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फरवरी 1928 में काँग्रेस, मुस्लिम लीग, हिन्दू महासभा आदि संगठनों के प्रतिनिधि एक सम्मेलन में एकत्र हुए। इसे सर्वदलीय सम्मेलन के नाम से जाना जाता है। 10 मई 1928 को बम्बई में हुए दूसरे सर्वदलीय सम्मेलन में पं. मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक 9 सदस्यीय समिति की स्थापना की गयी। इस रिपोर्ट के माध्यम से भारत के संविधान के सिद्धांतों का निर्धारण करना था। मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में स्थापित समिति के अन्य सदस्य थे–तेज बहादुर सप्रू, सुभाष चन्द्र बोस, शोएब कुरैशी, एम.एस. अणे, एम.आर. जयकर, मंगल सिंह, एन.एम. जोशी, जी. आर. प्रधान और इली इमाम 10 अगस्त 1928 को यह रिपोर्ट काँग्रेस अधिवेशन में रखी गयी, जिसे सभी ने स्वीकार किया।