Correct Answer:
Option D - IS - 456 : 2000 के अनुसार, कंक्रीट की 28 दिन पर N/mm² में अभिलक्षणिक सम्पीडन सामर्थ्य 150 मिमी. के घन द्वारा निकाला जाता है। भारत तथा इंग्लैण्ड में 150mm घन और अमेरिका में 150mm व्यास का 300mm ऊँचा सिलिण्डर प्रतिदर्श लिया जाता है। 28 दिन की तराई के बाद सम्पीडन जाँच मशीन में रखकर तथा 14N/mm² (140 kg/cm²) प्रति मिनट की दर से भार लगा कर भंजित किया जाता है और विफलता भार को प्रतिदर्श के क्षेत्रफल से भाग देकर, कंक्रीट की सामर्थ्य ज्ञात की जाती है। सम्पीडन में विफलता पार्श्व तनन (Lateral tension) के कारण होती है।
जब कंक्रीट घन (प्रतिदर्श) और जाँच मशीन की सम्पrk सतहें असम (Rough) होती हैं तो घन की विफलता तिर्यक समतल (Oblique planes) में होती है।
∎ सिलिण्डर की सामर्थ्य , घन की सामर्थ्य की 0.8 ली जाती है।
D. IS - 456 : 2000 के अनुसार, कंक्रीट की 28 दिन पर N/mm² में अभिलक्षणिक सम्पीडन सामर्थ्य 150 मिमी. के घन द्वारा निकाला जाता है। भारत तथा इंग्लैण्ड में 150mm घन और अमेरिका में 150mm व्यास का 300mm ऊँचा सिलिण्डर प्रतिदर्श लिया जाता है। 28 दिन की तराई के बाद सम्पीडन जाँच मशीन में रखकर तथा 14N/mm² (140 kg/cm²) प्रति मिनट की दर से भार लगा कर भंजित किया जाता है और विफलता भार को प्रतिदर्श के क्षेत्रफल से भाग देकर, कंक्रीट की सामर्थ्य ज्ञात की जाती है। सम्पीडन में विफलता पार्श्व तनन (Lateral tension) के कारण होती है।
जब कंक्रीट घन (प्रतिदर्श) और जाँच मशीन की सम्पrk सतहें असम (Rough) होती हैं तो घन की विफलता तिर्यक समतल (Oblique planes) में होती है।
∎ सिलिण्डर की सामर्थ्य , घन की सामर्थ्य की 0.8 ली जाती है।